rog praman patr

 

रोग प्रमाण पत्र (राजस्थान सेवा नियम ७६) - राज्य कर्मचारियों के अवकाश व वृद्धि हेतु

नमस्कार!

आज हम "रोग प्रमाण पत्र" के बारे में बात करेंगे जो राजस्थान सेवा नियम ७६ के तहत राज्य कर्मचारियों को अवकाश एवं वृद्धि प्राप्त करने के लिए आवश्यक होता है। यह प्रमाण पत्र चिकित्सक द्वारा जारी किया जाता है और इसमें कर्मचारी की बीमारी, उपचार की अवधि और स्वास्थ्य लाभ के लिए आवश्यक विश्राम की जानकारी दर्शायी जाती है।

यह ब्लॉग पोस्ट निम्नलिखित विषयों को कवर करेगा:

  • रोग प्रमाण पत्र की आवश्यकता: यह प्रमाण पत्र क्यों आवश्यक है?
  • प्रमाण पत्र का प्रारूप: प्रमाण पत्र में कौन सी जानकारी होनी चाहिए?
  • प्रमाण पत्र जारी करने वाला प्राधिकारी: कौन चिकित्सक प्रमाण पत्र जारी कर सकता है?
  • अवकाश और वृद्धि: प्रमाण पत्र के आधार पर कितने अवकाश और वृद्धि मिल सकती है?
  • नियमों का पालन: प्रमाण पत्र जारी करते समय किन नियमों का पालन किया जाना चाहिए?
  • नमूना प्रमाण पत्र: एक नमूना प्रमाण पत्र दिया जाएगा।

रोग प्रमाण पत्र की आवश्यकता:

राजस्थान सेवा नियम ७६ के अनुसार, राज्य कर्मचारियों को चिकित्सा आधार पर अवकाश प्राप्त करने के लिए रोग प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक होता है। यह प्रमाण पत्र चिकित्सक द्वारा जारी किया जाता है और इसमें कर्मचारी की बीमारी, उपचार की अवधि और स्वास्थ्य लाभ के लिए आवश्यक विश्राम की जानकारी दर्शायी जाती है।

प्रमाण पत्र का प्रारूप:

रोग प्रमाण पत्र में निम्नलिखित जानकारी होनी चाहिए:

  • कर्मचारी का नाम:
  • पदनाम:
  • विभाग:
  • बीमारी का नाम:
  • उपचार की अवधि:
  • आवश्यक विश्राम:
  • चिकित्सक का नाम:
  • हस्ताक्षर:
  • स्टाम्प:

प्रमाण पत्र जारी करने वाला प्राधिकारी:

रोग प्रमाण पत्र निम्नलिखित चिकित्सकों द्वारा जारी किया जा सकता है:

  • सरकारी अस्पताल के चिकित्सक:
  • निजी अस्पताल के चिकित्सक (जिनके पास आरएमपी/एमबीबीएस/एमडी डिग्री हो):
  • आयुष चिकित्सक (जिनके पास बीएएमएस/बीयूएमएस डिग्री हो):

अवकाश और वृद्धि:

रोग प्रमाण पत्र के आधार पर कर्मचारी को निम्नलिखित अवकाश और वृद्धि मिल सकती है:

  • चिकित्सा अवकाश:
  • आकस्मिक अवकाश:
  • अर्धवेतन अवकाश:
  • वृद्धि:

नियमों का पालन:

रोग प्रमाण पत्र जारी करते समय निम्नलिखित नियमों का पालन किया जाना चाहिए:

  • प्रमाण पत्र में सभी आवश्यक जानकारी होनी चाहिए:
  • प्रमाण पत्र चिकित्सक द्वारा हस्ताक्षरित और मुद्रांकित होना चाहिए:
  • प्रमाण पत्र मूल रूप में प्रस्तुत किया जाना चाहिए:

नमूना प्रमाण पत्र:

नीचे एक नमूना रोग प्रमाण पत्र दिया गया है:

रोग प्रमाण पत्र

(राजस्थान सेवा नियम ७६)

कर्मचारी का नाम: श्री/श्रीमती _____________

पदनाम: _____________

विभाग: _____________

बीमारी का नाम: _____________

उपचार की अवधि: _____________

आवश्यक विश्राम: _____________

चिकित्सक का नाम: डॉ. _____________

हस्ताक्षर: _____________

स्टाम्प: _____________

दिनांक: _____________

निष्कर्ष:

रोग प्रमाण पत्र राज्य कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है जो उन्हें चिकित्सा आधार पर अवकाश और वृद्धि प्राप्त करने में मदद करता है। प्रमाण पत्र में सभी आवश्यक जानकारी होनी चाहिए और चिकित्सक द्वारा हस्ताक्षरित और मुद्रांकित होना चाहिए।

**यह ब्लॉग पोस्ट आपको रोग प्रमाण पत्र के बारे में जानकारी प्रदान करता है। यदि आपके कोई प्रश्न हैं, तो कृपया टिप्पणी में लिखें।





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