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फॉर्म्स और फॉर्मेट्स : 4 पेज का स्व-घोषित आय प्रमाण पत्र
आपके ब्लॉग "फॉर्म्स और फॉर्मेट्स" में विभिन्न आवश्यक फॉर्म्स और आधिकारिक प्रारूपों को शामिल करना एक素晴らしい पहल है। आज की पोस्ट में, हम आपके लिए 4 पेज का स्व-घोषित आय प्रमाण पत्र लेकर आए हैं।
यह प्रमाण पत्र उन स्थितियों में उपयोगी होता है जहां सरकारी विभाग या अन्य संस्थान को आपकी और आपके परिवार की वार्षिक आय का प्रमाण मांगा जाता है।
** कृपया ध्यान दें:** भारत में हर राज्य का अपना स्व-घोषित आय प्रमाण पत्र प्रारूप हो सकता है। यह पोस्ट एक सामान्य फॉर्मेट प्रदान करता है. आपको हमेशा उस विशिष्ट सरकारी विभाग या संस्थान से जांच कर लेनी चाहिए जहां आपको आय प्रमाण पत्र जमा करना है। वे आपको उनके द्वारा स्वीकृत विशिष्ट प्रारूप प्रदान कर सकते हैं।
स्व-घोषित आय प्रमाण पत्र (4 पृष्ठों का):
पृष्ठ 1
- शीर्षक: स्व-घोषित आय प्रमाण पत्र
- आवेदक का विवरण:
- पूरा नाम
- पिता का नाम
- पता (वर्तमान निवास सहित)
- मोबाइल नंबर
पृष्ठ 2
- आय का विवरण:
- यह घोषणा करें कि आप और आपके परिवार की वार्षिक आय (वर्ष ... से वर्ष ...) है। (रुपये में राशि अक्षरों में भी लिखें)
- आय के स्रोतों को सूचीबद्ध करें (उदाहरण के लिए, वेतन, व्यवसाय आय, कृषि आय, किराया आय, आदि)
- प्रत्येक आय स्रोत के लिए राशि का उल्लेख करें।
पृष्ठ 3
- घोषणा:
- यह घोषणा करें कि उपरोक्त वर्णित आय आपके और आपके परिवार की कुल वार्षिक आय है।
- घोषणा करें कि आपने या आपके परिवार के किसी सदस्य ने पूर्व में किसी अन्य उद्देश्य के लिए उल्लिखित राशि से भिन्न आय नहीं बताई है।
- इस बात की घोषणा करें कि आपको पता है कि इस घोषणा पत्र में गलत या असत्य जानकारी देना भारतीय दंड संहिता के तहत दंडनीय अपराध है।
पृष्ठ 4
- सत्यापन:
- अपना हस्ताक्षर करें और तिथि दर्ज करें।
- एक सम्मानित व्यक्ति (जैसे कि सरकारी अधिकारी, बैंक अधिकारी, आदि) से घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर करने और उसे सत्यापित करने का अनुरोध करें। सत्यापनकर्ता को आपके द्वारा जाना जाता है और आपकी आय के स्रोतों से अवगत होना चाहिए।
आवश्यक दस्तावेज:
आपको इस स्व-घोषित आय प्रमाण पत्र के साथ कोई दस्तावेज संलग्न करने की आवश्यकता नहीं हो सकती है। हालाँकि, जमा करने वाला विभाग अतिरिक्त दस्तावेज मांग सकता है। उनकी विशिष्ट आवश्यकताओं की जांच करना हमेशा सर्वोत्तम होता है।
निष्कर्ष:
यह 4 पृष्ठ का स्व-घोषित आय प्रमाण पत्र आपको विभिन्न सरकारी विभागों और संस्थानों में जमा करने के लिए एक प्रारूप प्रदान करता है। जमा करने से पहले हमेशा विशिष्ट विभाग द्वारा मांगे गए प्रारूप की जांच कर लें।
आप अपने ब्लॉग पर विभिन्न राज्यों के लिए विशिष्ट स्व-घोषित आय प्रमाण पत्र प्रारूप भी शामिल कर सकते हैं। यह आपके पाठकों के लिए और भी अधिक मूल्यवान बना सकता है।
फॉर्म्स और फॉर्मेट्स : 4 पेज का स्व-घोषित आय प्रमाण पत्र
आपके ब्लॉग "फॉर्म्स और फॉर्मेट्स" में विभिन्न आवश्यक फॉर्म्स और आधिकारिक प्रारूपों को शामिल करना एक素晴らしい पहल है। आज की पोस्ट में, हम आपके लिए 4 पेज का स्व-घोषित आय प्रमाण पत्र लेकर आए हैं।
यह प्रमाण पत्र उन स्थितियों में उपयोगी होता है जहां सरकारी विभाग या अन्य संस्थान को आपकी और आपके परिवार की वार्षिक आय का प्रमाण मांगा जाता है।
** कृपया ध्यान दें:** भारत में हर राज्य का अपना स्व-घोषित आय प्रमाण पत्र प्रारूप हो सकता है। यह पोस्ट एक सामान्य फॉर्मेट प्रदान करता है. आपको हमेशा उस विशिष्ट सरकारी विभाग या संस्थान से जांच कर लेनी चाहिए जहां आपको आय प्रमाण पत्र जमा करना है। वे आपको उनके द्वारा स्वीकृत विशिष्ट प्रारूप प्रदान कर सकते हैं।
स्व-घोषित आय प्रमाण पत्र (4 पृष्ठों का):
पृष्ठ 1
- शीर्षक: स्व-घोषित आय प्रमाण पत्र
- आवेदक का विवरण:
- पूरा नाम
- पिता का नाम
- पता (वर्तमान निवास सहित)
- मोबाइल नंबर
पृष्ठ 2
- आय का विवरण:
- यह घोषणा करें कि आप और आपके परिवार की वार्षिक आय (वर्ष ... से वर्ष ...) है। (रुपये में राशि अक्षरों में भी लिखें)
- आय के स्रोतों को सूचीबद्ध करें (उदाहरण के लिए, वेतन, व्यवसाय आय, कृषि आय, किराया आय, आदि)
- प्रत्येक आय स्रोत के लिए राशि का उल्लेख करें।
पृष्ठ 3
- घोषणा:
- यह घोषणा करें कि उपरोक्त वर्णित आय आपके और आपके परिवार की कुल वार्षिक आय है।
- घोषणा करें कि आपने या आपके परिवार के किसी सदस्य ने पूर्व में किसी अन्य उद्देश्य के लिए उल्लिखित राशि से भिन्न आय नहीं बताई है।
- इस बात की घोषणा करें कि आपको पता है कि इस घोषणा पत्र में गलत या असत्य जानकारी देना भारतीय दंड संहिता के तहत दंडनीय अपराध है।
पृष्ठ 4
- सत्यापन:
- अपना हस्ताक्षर करें और तिथि दर्ज करें।
- एक सम्मानित व्यक्ति (जैसे कि सरकारी अधिकारी, बैंक अधिकारी, आदि) से घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर करने और उसे सत्यापित करने का अनुरोध करें। सत्यापनकर्ता को आपके द्वारा जाना जाता है और आपकी आय के स्रोतों से अवगत होना चाहिए।
आवश्यक दस्तावेज:
आपको इस स्व-घोषित आय प्रमाण पत्र के साथ कोई दस्तावेज संलग्न करने की आवश्यकता नहीं हो सकती है। हालाँकि, जमा करने वाला विभाग अतिरिक्त दस्तावेज मांग सकता है। उनकी विशिष्ट आवश्यकताओं की जांच करना हमेशा सर्वोत्तम होता है।
निष्कर्ष:
यह 4 पृष्ठ का स्व-घोषित आय प्रमाण पत्र आपको विभिन्न सरकारी विभागों और संस्थानों में जमा करने के लिए एक प्रारूप प्रदान करता है। जमा करने से पहले हमेशा विशिष्ट विभाग द्वारा मांगे गए प्रारूप की जांच कर लें।
आप अपने ब्लॉग पर विभिन्न राज्यों के लिए विशिष्ट स्व-घोषित आय प्रमाण पत्र प्रारूप भी शामिल कर सकते हैं। यह आपके पाठकों के लिए और भी अधिक मूल्यवान बना सकता है।
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